जब श्री कृष्ण ने कालिया नाग का वध किया | KALIYA NAAG COMPLETE STORY
कालिय नाग कद्रू का पुत्र और पन्नग जाति का नागराज था। वह पहले रमण द्वीप में निवास करता था, किंतु पक्षीराज गरुड़ से शत्रुता हो जाने के कारण वह यमुना नदी में कुण्ड में आकर रहने लगा था। यमुनाजी का यह कुण्ड गरुड़ के लिए अगम्य था, क्योंकि इसी स्थान पर एक दिन क्षुधातुर गरुड़ ने तपस्वी सौभरि के मना करने पर भी अपने अभीष्ट मत्स्य को बलपूर्वक पकड़कर खा डाला था, इसीलिए महर्षि सौभरि ने गरुड़ को शाप दिया था कि- "यदि गरुड़ फिर कभी इस कुण्ड में घुसकर मछलियों को खायेंगे तो उसी क्षण प्राणों से हाथ धो बैठेंगे"। कालिय नाग यह बात जानता था, इसीलिए वह यमुना के उक्त कुण्ड में रहने आ गया था।
कालिय नाग ने विष से यमुना का जल ज़हरीला हो गया। उसे पीकर गाय और गोप मरने लगे। एक बार जब खेलते समय गेंद यमुना में गिर जाने से कृष्ण उसे निकालने के लिए यमुना में कूदे और
कालिया नाग के एक सौ एक सिर थे। वह अपने जिस शरीर को नहीं झुकाता था, उसी को प्रचण्ड दण्डधारी भगवान् अपने पैरों की चोट से कुचल डालते। इससे कालिया नाग की जीवनशक्ति क्षीण हो चली, वह मुंह और नथुनों से खून उगलने लगा। अन्त में चक्कर काटते-काटते वह बेहोश हो गया। अपने पति की यह दशा देखकर उसकी पत्नियां भगवान् की शरण में आयीं। और बोली अपराध सह लेना चाहिए। यह मूढ है, आपको पहचानता नहीं है, इसलिए इसे क्षमा कर दीजिए। भगवन् कृपा कीजिए, अब यह सर्प मरने ही वाला है। नागपत्नियों की याचना से भगवान पिघल गए। कालिया को मृत्युदण्ड देने का इरादा त्याग दिया।
भगवान के प्रहारों से आहत कालिया का दंभ भी टूट चुका था। धीरे-धीरे कालिया नाग की इन्द्रियों और प्राणों में कुछ-कुछ चेतना आ गई
कालिय को युद्ध में हराने के बाद उसके फण पर नाचने लगे। उन्होंने गरुड़ से निर्भयता का वरदान देकर कालिय को पुन: रमण द्वीप भेज दिया। यमुना का यह स्थान आज भी 'कालियदह' कहलाता है।जब श्री कृष्ण ने कालिया नाग का वध किया | KALIYA NAAG COMPLETE STORY
जब श्री कृष्ण ने अघासुर का वध किया
अघासुर पूतना और बकासुर का छोटा भाई था
कृष्ण को मारने के लिए अघासुर ने अजगर का रूप धारण कर लिया और मार्ग में लेट गया। उसका वह अजगर शरीर एक योजन लम्बे बड़े पर्वत के समान विशाल एवं मोटा था।अघासुर का यह रूप देखकर बालकों ने समझा कि यह भी वृंदावन की कोई शोभा है। उसका मुंह किसी गुफा की तरह दिखता था। बाल-ग्वाल उसे समझ न सके और कौतुकवश उसे देखने लगे। देखते-देखते वे अजगर के मुंह में ही घुस गए। लेकिन श्रीकृष्ण अघासुर की माया को समझ गए।
अघासुर बछड़ों और ग्वालबालों के सहित भगवान श्रीकृष्ण को अपनी डाढ़ों से चबाकर चूर-चूर कर डालना चाहता था। परन्तु उसी समय श्रीकृष्ण ने अपने शरीर को बड़ी फुर्ती से बढ़ा लिया कि अजगररुपी अघासुर का गला ही फट गया। आंखें उलट गईं। सांस रुककर सारे शरीर में भर गई और उसके प्राण निकल गए। इस प्रकार सारे बाल-ग्वाल और गौधन भी सकुशल ही अजगर के मुंह से बाहर निकल आए। कान्हा ने फिर सबको बचा लिया। सब मिलकर कान्हा की जय-जयकार करने लगे।
जब श्री कृष्ण ने अघासुर का वध किया | कुरूप व्यक्ति का परिहास करने का परिणाम | अघासुर को अष्टावक्र का श्राप | AGHASUR VADH
महाभारत युद्ध के बाद देवी रुक्मिणी को धर्म अर्थ काम और मोक्ष के बारेमे बताना | दुर्योधन की मृत्यु के बाद बलराम को समझाना |
महाभारत युद्ध के बाद देवी रुक्मिणी को धर्म अर्थ काम और मोक्ष के बारेमे बताना | दुर्योधन की मृत्यु के बाद बलराम को समझाना |
उत्तंक मुनि अपने क्रोध के कारण अमृत जल से वंचित रह गए | UTTANG RISHI KATHA
श्रीकृष्ण का उत्तंक मुनि के विश्वरूप का दर्शन कराना और मरुदेश में जल प्राप्त होने का वरदान देना
महाभारत के युद्ध में पांडवों की विजय प्राप्ति के उपरान्त श्रीकृष्ण अपने माता-पिता से मिलने द्वारिका जा रहे थे। मार्ग में उन्हें उत्तंक मुनि मिले। यह जानकर कि युद्ध में इतना विध्वंस हुआ है, वे रुष्ट हो गये। मुनि को आशा थी कि, कृष्ण ने भाइयों में मेल करवा दिया होगा। वे कृष्ण को शाप देने के लिए उद्यत हुए पर कृष्ण ने उन्हें वस्तुस्थिति समझाकर, विप्र रूप के दर्शन करवाकर शान्त कर दिया। साथ ही वर दिया कि वे जब कभी कृष्ण को स्मरण करेंगे, उन्हें मरु प्रदेश में भी जल मिल जायेगा। एक दिन प्यास से व्याकुल उत्तंक ने श्रीकृष्ण को स्मरण किया कि, कुत्तों से घिरा हुआ एक चांडाल प्रकट हुआ, जिसके पांव के छिद्र से जल की धारा प्रवाहित थी। उसने मुनि से जल लेने का आग्रह किया। किन्तु मुनि चांडाल से जल लेना नहीं चाहते थे। वह अंतर्धान हो गया तथा श्रीकृष्ण प्रकट हुए। कृष्ण ने बताया कि उनके बहुत आग्रह करने पर इंद्र चांडाल के रूप में अमृत पिलाकर उत्तंक को अमर करने के लिए आये थे, पर मुनि ने अमृत ग्रहण नहीं किया। श्रीकृष्ण ने कहा कि भविष्य में कृष्ण को स्मरण करने पर उन्हें मेधों से जल की प्राप्ति होगी।
उत्तंक ऋषि क्रोध के कारण अमृत जल से वंचित रह गए | UTTANG RISHI KATHA | श्रीकृष्ण का उत्तंक मुनि के विश्वरूप का दर्शन कराना
Mahabharat Jayadrath Vadh
महाभारत में जयद्रथ सिंधु प्रदेश के राजा थे। जयद्रथ का विवाह कौरवों की एकमात्र बहन दुशाला से हुआ था। जयद्रथ वृद्धक्षत्र के पुत्र थे। वृद्धक्षत्र के यहाँ जयद्रथ का जन्म देर से हुआ था और जयद्रथ को यह वरदान प्राप्त था कि जयद्रथ का वध कोई सामान्य व्यक्ति नहीं कर पायेगा, साथ ही यह वरदान भी प्राप्त था कि जो भी जयद्रथ को मारेगा और जयद्रथ का सिर ज़मीन पर गिरायेगा, उसके सिर के हज़ारों टुकड़े हो जायेंगे।
अर्जुन की प्रतिज्ञा
महाभारत का भयंकर युद्ध चल रहा था। लड़ते-लड़के अर्जुन रणक्षेत्र से दूर चले गए थे। अर्जुन की अनुपस्थिति में पाण्डवों को पराजित करने के लिए द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह की रचना की। अर्जुन-पुत्र अभिमन्यु चक्रव्यूह भेदने के लिए उसमें घुस गया। उसने कुशलतापूर्वक चक्रव्यूह के छः चरण भेद लिए, लेकिन सातवें चरण में उसे दुर्योधन, जयद्रथ आदि सात महारथियों ने घेर लिया और उस पर टूट पड़े। जयद्रथ ने पीछे से निहत्थे अभिमन्यु पर ज़ोरदार प्रहार किया। वह वार इतना तीव्र था कि अभिमन्यु उसे सहन नहीं कर सका और वीरगति को प्राप्त हो गया। अभिमन्यु की मृत्यु का समाचार सुनकर अर्जुन क्रोध से पागल हो उठा। उसने प्रतिज्ञा की कि यदि अगले दिन सूर्यास्त से पहले उसने जयद्रथ का वध नहीं किया तो वह आत्मदाह कर लेगा। जयद्रथ भयभीत होकर दुर्योधन के पास पहुँचा और अर्जुन की प्रतिज्ञा के बारे में बताया।
दुर्य़ोधन उसका भय दूर करते हुए बोला-'चिंता मत करो, मित्र! मैं और सारी कौरव सेना तुम्हारी रक्षा करेंगे। अर्जुन कल तुम तक नहीं पहुँच पाएगा। उसे आत्मदाह करना पड़ेगा।'
अगले दिन युद्ध शुरू हुआ। अर्जुन की आँखें जयद्रथ को ढूँढ रही थीं, किंतु वह कहीं नहीं मिला। दिन बीतने लगा। धीरे-धीरे अर्जुन की निराशा बढ़ती गई। यह देख श्रीकृष्ण बोले-'पार्थ! समय बीत रहा है और कौरव सेना ने जयद्रथ को रक्षा कवच में घेर रखा है। अतः तुम शीघ्रता से कौरव सेना का संहार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ो।' यह सुनकर अर्जुन का उत्साह बढ़ा और वह जोश से लड़ने लगे। लेकिन जयद्रथ तक पहुँचना मुश्किल था।
सन्ध्या होने वाली थी। तब श्रीकृष्ण ने अपनी माया फैला दी। इसके फलस्वरूप सूर्य बादलों में छिप गया और सन्ध्या का भ्रम उत्पन्न हो गया। ‘सन्ध्या हो गई है और अब अर्जुन को प्रतिज्ञावश आत्मदाह करना होगा।’-यह सोचकर जयद्रथ और दुर्योधन ख़ुशी से उछल पड़े। अर्जुन को आत्मदाह करते देखने के लिए जयद्रथ कौरव सेना के आगे आकर अट्टहास करने लगा।
जयद्रथ को देखकर श्रीकृष्ण बोले-'पार्थ! तुम्हारा शत्रु तुम्हारे सामने खड़ा है। उठाओ अपना गांडीव और वध कर दो इसका। वह देखो अभी सूर्यास्त नहीं हुआ है।' यह कहकर उन्होंने अपनी माया समेट ली। देखते-ही-देखते सूर्य बादलों से निकल आया। सबकी दृष्टि आसमान की ओर उठ गई। सूर्य अभी भी चमक रहा था। यह देख जयद्रथ और दुर्योधन के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। जयद्रथ भागने को हुआ लेकिन तब तक अर्जुन ने अपना गांडीव उठा लिया था।
तभी श्रीकृष्ण चेतावनी देते हुए बोले-'हे अर्जुन! जयद्रथ के पिता ने इसे वरदान दिया था कि जो इसका मस्तक ज़मीन पर गिराएगा, उसका मस्तक भी सौ टुकड़ों में विभक्त हो जाएगा। इसलिए यदि इसका सिर ज़मीन पर गिरा तो तुम्हारे सिर के भी सौ टुकड़े हो जाएँगे। हे पार्थ! उत्तर दिशा में यहाँ से सो योजन की दूरी पर जयद्रथ का पिता तप कर रहा है। तुम इसका मस्तक ऐसे काटो कि वह इसके पिता की गोद में जाकर गिरे।'
अर्जुन ने श्रीकृष्ण की चेतावनी ध्यान से सुनी और अपनी लक्ष्य की ओर ध्यान कर बाण छोड़ दिया। उस बाण ने जयद्रथ का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसे लेकर सीधा जयद्रथ के पिता की गोद में जाकर गिरा। जयद्रथ का पिता चौंककर उठा तो उसकी गोद में से सिर ज़मीन पर गिर गया। सिर के ज़मीन पर गिरते ही उनके सिर के भी सौ टुकड़े हो गए। इस प्रकार अर्जुन की प्रतिज्ञा पूरी हुई।
Jayadrath Vadh Mahabharat | जयद्रथ वध
जब संसार को किसी प्रकार का खतरा होता है तब भगवान विष्णु अवतरित होते हैं।
ब्रम्हांड की आवधिक विघटन के प्रलय के ठीक पहले जब प्रजापति ब्रह्मा के मुँह से वेदों का ज्ञान निकल गया, तब असुर हयग्रीव ने उस ज्ञान को चुराकर निगल लिया। तब भगवान विष्णु अपने प्राथमिक अवतार मत्स्य के रूप में अवतीर्ण हुए और स्वयं को राजा सत्यव्रत मनु के सामने एक छोटी, लाचार मछली बना लिया।
सुबह सत्यव्रत सूर्यदेव को अर्घ्य दे रहे थे तभी एक मछली नें उनसे कहा कि आप मुझे अपने कमंडल में रख लो। दया और धर्म के अनुसार इस राजा ने मछली को अपने कमंडल में ले लिया और घर की ओर निकले, घर पहुँचते तक वह मत्स्य उस कमंडल के आकार का हो गया, राजा नें इसे एक पात्र पर रखा परंतु कुछ समय बाद वह मत्स्य उस पात्र के आकार की हो गई। अंत में राजा नें उसे समुद्र में डाला तो उसने पूरे समुद्र को ढँक लिया। उस सुनहरी-रंग मछली ने अपने दिव्य पहचान उजागर की और अपने भक्त को यह सूचित किया कि उस दिवस के ठीक सातवें दिन प्रलय आएगा तत्पश्चात् विश्व का नया श्रृजन होगा वे सत्यव्रत को सभी जड़ी-भूति, बीज और पशुओं, सप्त ऋषि आदि को इकट्ठा करके प्रभु द्वारा भेजे गए नाव में संचित करने को कहा।
फिर यह अति-विशाल मछली हयग्रीव को मारकर वेदो को गुमनाम होने से बचाया और उसे ब्रह्मा को दे दिया। जब ब्रह्मा अपने नींद से उठे जो परलय के अन्त में था, इसे ब्रम्ह की रात पुकारा जाता हैं, जो गणना के आधार पर 4 320 000 000 सालो तक चलता है। जब ज्वार ब्रम्हांड को भस्म करने लगा तब एक विशाल नाव आया, जिस पर सभी चढ़े। मत्स्य भगवान ने उसे सर्पराज वासुकि को डोर बनाकर बाँध लिया और सुमेरु पर्वत की ओर प्रस्थान किया।
रास्ते में भगवान मत्स्य नारायण ने मनु (सत्यव्रत) को मत्स्य पुराण सुनाया और इस तरह प्रभु ने सबकी प्रलय से रक्षा की, तथा पौधों तथा जीवों की नस्लों को बचाया और मत्स्य पुराण की विद्या को नवयुग में प्रसारित किया
भगवान विष्णु की मत्स्य अवतार कथा | MATSYA AVATAR
भगवान विष्णु की मोहिनी अवतार कथा समुद्र मन्थन
मोहिनी हिन्दू भगवान विष्णु का एकमात्र स्त्री रूप अवतार है। इसमें उन्हें ऐसे स्त्री रूप में दिखाया गया है जो सभी को मोहित कर ले। उसके प्रेम में वशीभूत होकर कोई भी सब भूल जाता है, चाहे वह भगवान शिव ही क्यों न हों। इस अवतार का उल्लेख महाभारत में भी आता है। समुद्र मंथन के समय जब देवताओं व असुरों को सागर से अमृत मिल चुका था, तब देवताओं को यह डर था कि असुर कहीं अमृत पीकर अमर न हो जायें। तब वे भगवान विष्णु के पास गये व प्रार्थना की कि ऐसा होने से रोकें। तब भगवान विष्णु ने मोहिणि अवतार लेकर अमृत देवताओं को पिलाया व असुरों को मोहित कर अमर होने से रोका।
भगवान की इस चाल को राहु नामक दैत्य समझ गया। वह देवता का रूप बना कर देवताओं में जाकर बैठ गया और प्राप्त अमृत को मुख में डाल लिया। जब अमृत उसके कण्ठ में पहुँच गया तब चन्द्रमा तथा सूर्य ने पुकार कर कहा कि ये राहु दैत्य है। यह सुनकर भगवान विष्णु ने तत्काल अपने सुदर्शन चक्र से उसका सिर गर्दन से अलग कर दिया। अमृत के प्रभाव से उसके सिर और धड़ राहु और केतु नाम के दो ग्रह बन कर अन्तरिक्ष में स्थापित हो गये। वे ही बैर भाव के कारण सूर्य और चन्द्रमा का ग्रहण कराते हैं।
इस तरह देवताओं को अमृत पिलाकर भगवान विष्णु वहाँ से लोप हो गये। उनके लोप होते ही दैत्यों की मदहोशी समाप्त हो गई। वे अत्यन्त क्रोधित हो देवताओं पर प्रहार करने लगे। भयंकर देवासुर संग्राम आरम्भ हो गया जिसमें देवराज इन्द्र ने दैत्यराज बालि को परास्त कर अपना इन्द्रलोक वापस ले लिया।भगवान विष्णु की मोहिनी अवतार कथा | MOHINI AVATAR|Samudra Manthan | Kashyap Avatar | समुद्र मन्थन
रामायण पति पत्नी प्रेम धर्म मोह और कर्तव्य की परिभाषा | Ramayana husband infatuation love and duty the definition of religion
इस विडियो में पति पत्नी कर्तव्य क्या हे प्रेम क्या हे धर्म क्या हे और मोह क्या हे उसके बारेमे समजाया हे
रामायण पति पत्नी प्रेम धर्म मोह और कर्तव्य की परिभाषा
रामायण - जन्म, मृत्यु,आत्मा,अहंकार,निष्काम कर्म के बारेमे गुरु वसिष्ठ की शिक्षा
Ramayan - जन्म, मृत्यु,आत्मा,अहंकार,निष्काम कर्म के बारेमे गुरु वसिष्ठ की शिक्षा
पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) क्या है?
पूर्ण रक्त गणना (Complete Blood Count, CBC) वह जाँच होती है जिसमें रक्त में पाई जाने वाली सभी कोशिकाओं की जांच की जाती है। जिनमें सबसे मुख्य हैं लाल रक्त कणिकाएं (RBC), सफ़ेद रक्त कणिकाएं या कोशिकाएं (WBC) और प्लेटलेट्स (Platelets)। डॉक्टर इन सभी की जाँच आपमें उभरे लक्षणों जैसे थकावट, बेहोशी या चोट के आधार पर करता है। इस टेस्ट के द्वारा किसी भी व्यक्ति में होने वाली कई समस्याओं का पता लगाया जा सकता है, जैसे खून की कमी(Anemia), संक्रमण या कुछ अन्य बीमारियां
(CBC) इन चीजों की जानकारी के लिए किया जाता है:
सफेद रक्त कोशिका (डब्ल्यूबीसी, ल्युकोसैट) की गिनती: WBC शरीर को संक्रमण से बचाती है। यदि शरीर में कोई बैक्टीरिया पैदा होता है, तो ये सफेद रक्त कोशिकाएं क्रियाशील हो जाती हैं और बेक्टिरया, वायरस और दूसरे विषाणुओं पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर देती हैं। सफ़ेद रक्त कणिकाएं, लाल रक्त कणिकाओं से बड़ी होती हैं। लेकिन इनकी संख्या लाल रक्त कोशिकाओं से कम होती हैं। जब किसी व्यक्ति को बैक्टीरिया से संक्रमण हो जाता है तो यह कोशिकाएं उन्हें फटाफट खत्म कर देती हैं। इसीलिए कभी-कभी सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की जांच शरीर में कैंसर जैसी बीमारी में यह देखने के लिए की जाती है, कि उपचार का इस बीमारी पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के कुछ प्रकार: इन कोशिकाओं के प्रकार इस तरह से हैं, न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइटों, मोनोसाइट्स, इयोस्नोफिल्स, बेसोफिल और अपरिपक्व न्यूट्रोफिल यह भी इसी टेस्ट का एक हिस्सा होते हैं। इनमें से हर एक कोशिका शरीर में संक्रमण के खिलाफ अलग-अलग भूमिकाएं निभाती हैं। साथ ही इन कोशिकाओं की रक्त में मात्रा से भी शरीर की रोग-प्रतिरोधी क्षमता का पता चलता है। रक्त में बहुत ज्यादा या बहुत कम रक्त कोशिकाओं के होने से अलग-अलग प्रकार की एलर्जी और संक्रमण दवाइयों के दुष्प्रभावों जैसे ल्यूकीमिया (Leukaemia) का पता चलता है।
लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) गणना: लाल रक्त कणिकाओं का कार्य ऑक्सीजन को फेंफड़ों समेत पूरे शरीर में फैलाना है। इसके अलावा यह कार्बनडाईऑक्साइड को भी शरीर से वापस फेफड़ों में ले जाती हैं और फेंफड़े उन्हें सांसों के द्वारा बाहर छोड़ देते हैं। यदि शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की कमी हो जाए तो इसे एनीमिया यानी खून की कमी कहा जाता है। लाल रक्त कणों के कम होने से ऑक्सीजन भी पूरे शरीर को नहीं मिल पाती। वहीं यदि लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या ज्यादा हो जाए तो उस स्थिति को पॉलिसिथिमिया (Polisithimia) कहा जाता है। वहीं एक परिस्थिति यह भी हो सकती है कि लाल रक्त कोशिकाएं एक दूसरें से चिपक जाएं। यदि ऐसा हो जाए तो वह छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक देती हैं। इसकी वजह से भी पूरे शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
हेमाटोक्रिट ((HST)- पैक्ड सेल वॉल्यूम, PCV): इस टेस्ट के द्वारा रक्त में उस जगह का पता लगाया जाता है जिसे लाल रक्त कोशिकाओं ने घेरा होता है। यह दर रक्त की मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं के प्रतिशत के रूप में दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, 38 हेमाटोक्रिट का मतलब है कि रक्त का 38% लाल रक्त कोशिकाओं से बना है। हेमाटोक्रिट और हीमोग्लोबिन ऐसे दो महत्वपूर्ण टेस्ट हैं जो शरीर में एनीमिया और पोलिसिथिमिया के होने की जानकारी देते हैं।
हीमोग्लोबिन (HGB): हीमोग्लोबिन अणु लाल रक्त कोशिकाओं को भरते हैं। यह न सिर्फ शरीर में ऑक्सीजन को ले जाते हैं बल्कि कोशिकाओं का लाल रंग भी इसी की वजह से होता है। हीमोग्लोबिन टेस्ट के द्वारा रक्त में हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है, और रक्त द्वारा पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचने के लिए भी यह सबसे अच्छा टेस्ट है।
लाल रक्त कोशिका सूचकांक: तीन प्रकार की लाल रक्त कोशिकाएं का सूचकांक तीन प्रकार का होता है: अतिसूक्ष्म कणों की मीन मात्रा (एमसीवी), (एमसीएचसी) मीन कणिका हीमोग्लोबिन (एमसीएच), मीन कणिका हीमोग्लोबिन एकाग्रता (एमसीएचसी)
प्लेटलेट (थ्रोम्बोसाइट) गणना: प्लेटलेट थ्रोम्बोसाइट सबसे छोटे प्रकार की रक्त कोशिकाएं होती हैं। ये रक्त का थक्का बनने में महतवपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि किसी को खून बहता है तो प्लेटलेट आपस में चिपक जाते हैं और चिपचिपे होकर रक्त के ज्यादा बहाव को नियंत्रित करते हैं। यदि इनकी संख्या कम हो जाए तो अनियंत्रित खून बहने जैसी समस्या हो जाती है। लेकिन इनकी संख्या यदि बढ़ जाए तो इस से रक्त कोशिकाओं में रक्त का थक्का बनने की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके अलावा यह धमनियों (अथेरोस्क्लेरोसिस) को सख्त भी बना सकते हैं।
प्लेटलेट की मीन मात्रा (MPV): प्लेटलेट की मीन मात्रा, प्लेटलेट्स की औसत राशि (मात्रा) की माप करती है। मीन प्लेटलेट मात्रा का प्रयोग प्लेटलेट मात्रा अन्य कई रोगों की जानकारी के लिए भी किया जाता है।
आपका डॉक्टर आपको रक्त स्मीयर परीक्षण कराने की सलाह दे सकता है। लेकिन यह नियमित होने वाले CBC टेस्ट का हिस्सा नहीं है। इस टेस्ट में रक्त की एक बूँद को एक स्लाइड पर रखा जाता है और इसमें एक डाई मिलाई जाती है। इसके बाद इस स्लाइड को (सूक्ष्मदर्शी) माइक्रोस्कोप के माध्यम से देखा जाता है। इसके बाद रक्त में कोशिकाओं की संख्या, आकर सबको देखा जाता है। यदि इसके द्वारा रक्त कोशिकाओं में उनकी संख्या, रंग आकार में कोई बदलाव दिखता है तो उसके आधार पर लुकीमिया, मलेरिया और दूसरी बीमारियों का पता लगाया जाता है।
क्यों जरुरी है पूर्ण रक्त गणना (complete blood count)?
कम्प्लीट ब्लड काउंट निम्न कारणों से किया जाता है:
नतीजे
इस टेस्ट के द्वारा रक्त के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाती है, जैसे रक्त में अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं की संख्या कितनी है। खास कर लाल रक्त कोशिकाओं (Red blood cells), सफ़ेद रक्त कोशिकाओं (White blood cells) और प्लेटलेट के बारे में। डॉक्टर इस टेस्ट को आपके किसी भी लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी या चोट के आधार पर कर सकता है। इस टेस्ट के द्वारा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे एनीमिया, संक्रमण, और कई कुछ अन्य विकारों के बारे में भी पता चल जाता है।
सामान्य नतीजे
यहाँ कम्प्लीट ब्लड काउंट की कुछ सामान्य दरें दी गई हैं। यह सिर्फ एक आम पैमाना है। यह नतीजे अलग-अलग लैब के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। हो सकता है कि जांच के जो नतीजे एक लैब में सामान्य हो वह दूसरी में न हो। इसीलिए डॉक्टर हमेशा इस जाँच के नतीजों के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य और उसके इतिहास के अनुसार ही ट्रीटमेंट शुरू करता है।
किसी व्यक्ति के कम्प्लीट ब्लड सेल्स की जाँच की समान्य दर काफी सारी चीजों पर निर्भर करती है, जैसे उम्र, महिला या पुरुष होना आदि। आपका डॉक्टर आपके स्वास्थ्य की पूरी जाँच के लिए आपके सीबीसी की पूरी जाँच करेगा। उदाहरण के तौर पर लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) काउंट, हीमोग्लोबिन (HGB) और हिमेटोक्रिट (HCT) की जाँच किसी भी व्यक्ति में खून की कमी के लिए सबसे बेहतरीन जांच है। वहीं लाल रक्त कोशिकाओं के सूचकांक और रक्त के धब्बों द्वारा भी खून की कमी और इसके कारणों का पता लगाया जा सकता है।
यह देखने के लिए कि सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (WBC, leukocyte) काउंट ठीक है या नहीं। धब्बों के रूप में यह कोशिकाएं कैसी दिखती हैं या नहीं। डॉक्टर सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के दोनों ही नंबरों (WBC गणना) और (WBC अंतर) पर गौर करेगा। इस बात की जानकारी की जाएगी कि इन कोशिकाओं की संख्या बहुत ज्यादा या बहुत कम तो नहीं है। डॉक्टर इन सभी कोशिकाओं की प्रतिशतता और गणना दोनों पर ही गौर करेगा।
यहाँ प्रत्येक प्रकार की कोशिकाओं की कुछ सामान्य दरें दी गई हैं।
वहीं एक बात और ध्यान रखने योग्य है कि गर्भावस्था में इन कोशिकाओं की दरें कम या ज्यादा भी हो सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर हर तीन महीने में इन कोशिकाओं की दरों की जाँच करेगा।
सफेद रक्त कोशिकाएं (डब्ल्यूबीसी, ल्युकोसाइट) गणना
पुरुष और ऐसी महिलाएं जो गर्भवती नहीं हैं।
5,000–10,000 WBCs per cubic millimeter (mm3) or 5.0–10.0 x 109 WBCs per liter (L)
सफेद रक्त कोशिकाओं के प्रकार (WBC अंतर)
न्यूट्रोफिल:
50%–62%
बैंड न्यूट्रोफिल:
3%–6%
लिम्फोसाइटों:
25%–40%
मोनोसाइट्स
3%–7%
इयोस्नोफिल्स:
0%–3%
बसोफिल्स:
0%–1%
लाल रक्त कोशिका गणना (RBC count)
पुरुष
4.5–5.5 प्रति माइक्रोलीटर (एमसीएल) मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं या 4.5–5.5 x 1012/लीटर (एल)
महिलाएं
4.0–5.0 प्रति एमसीएल मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं or 4.0–5.0 x 1012/L
बच्चे
3.8–6.0 प्रति एमसीएल मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं or 3.8–6.0 x 1012/L
नवजात शिशु
4.1–6.1 प्रति एमसीएल मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं or 4.1–6.1 x 1012/L
हेमाटोक्रिट (HCT)
पुरुष
42%–52% या 0.42–0.52 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
महिलाएं
36%–48% या 0.36–0.48 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
बच्चे
29%–59% या 0.29–0.59 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
नवजात शिशु
44%–64% या 0.44–0.64 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
हीमोग्लोबिन (Hgb)
पुरुष
14–17.4 ग्राम/ डेसीलीटर (जी / डीएल) या 140–174 ग्राम/ लीटर (ग्रा / एल)
महिलाएं
12–16 जी / डीएल या 120–160 ग्रा / एल
बच्चे
9.5–20.5 जी / डीएल या 95–205 ग्रा / एल
नवजात शिशु
14.5–24.5 जी / डीएल या or 145–245 ग्रा / एल
सामान्य, हीमोग्लोबिन की मात्रा हेमटोक्रिट के एक-तिहाई हिस्से के बराबर होती है।
लाल रक्त कोशिका का सूचकांक
मीन कोरपुसकुलर वॉल्यूम (MCV)—वयस्कों में
84–96 फेमटोलीटेर्स (एफ.एल)
मीन कॉर्पस्कुलर हीमोग्लोबिन (MCH)—वयस्कों में
28–34 पिकोग्राम्स (पी.जी) प्रति सेल
मीन कॉर्पस्कुलर हीमोग्लोबिन कंसंट्रेशन (MCHC)—वयस्कों में
32–36 एक लिटर का दशमांश प्रति ग्राम (ग्राम / डीएल)
लाल कोशिकाओं की वितरण चौड़ाई (RDW)
सामान्य
11.5%–14.5%
प्लेटलेट (थ्रोम्बोसाईट) गणना
व्यसक:
140,000–400,000 प्लेटलेट्स प्रति mm3 या 140–400 x 109/L
बच्चे
150,000–450,0003 प्रति प्लेटलेट्स प्रति mm3 या 150–450 x 109/L
प्लेटलेट की मीन मात्रा (एमपीवी)
व्यसक:
7.4-10.4 mcm3 या 7.4-10.4 FL
बच्चे
7.4-10.4 mcm3 या 7.4-10.4 FL
रक्त का फ़ैलाव (blood smear)
सामान्य
रक्त कोशिकाएं आकार, रंग, और संख्या में सामान्य होंगी।
उच्च दरें लाल रक्त कोशिका (RBC)
धूम्रपान, कार्बन मोनोऑक्साइड, लंबी अवधि से चली आ रही फेफड़ों और गुर्दों की बीमारी, कुछ खास प्रकार के कैंसर, हृदय रोग, शराब, यकृत रोग, अस्थि मज्जा (Polycythemia), या हीमोग्लोबिन के कुछ खास विकार, ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह सभी कारक रक्त में ऑक्सीजन को सख्ती के साथ बांध देते हैं।
इसके अलावा कुछ और ऐसे कारण भी हैं जिनकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाने से लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या ज्यादा हो जाती है। ये कारण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं जैसे, उल्टी दस्त, पसीना निकलना या मूत्रवर्धक (Diuretic) दवाइयों का प्रयोग। शरीर में तरल पदार्थों की कमी के कारण जब लाल रक्त कोशिकाएं बढ़ती हैं तो इस स्थिति को नकली पॉलिसिथिमिया (Spurious Polycythemia) कहा जाता है।
सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (WBC)
सफ़ेद रक्त कोशिकाओं का रक्त में बढ़ना, संक्रमण, सूजन, शरीर के ऊतकों का नष्ट होना (दिल का दौरा), गंभीर शारीरिक या मानसिक तनाव (जैसे बुखार, चोट, या सर्जरी), गुर्दे की विफलता, लूपस, तपेदिक (टीबी), संधिशोथ, कुपोषण, ल्यूकेमिया और कैंसर के जैसी बीमारी होती है।
इनके अलावा कॉर्टिकॉस्टरॉइड का प्रयोग, कम क्रियाशील अधिवृक्क ग्रंथि (Underactive Adrenal Glands), थायराइड ग्रंथि की समस्याएं (Thyroid Gland Problems), कुछ दवाओं का प्रयोग और तिल्ली का हटना भी कुछ ऐसे कारण हैं जिनके कारण रक्त में WBC की दर बढ़ सकती है।
प्लेटलेट
अत्यधिक रक्तस्राव, या आयरन की कमी, कुछ बीमारियां जैसे कैंसर या अस्थि मज्जा (Bone Marrow) में किसी प्रकार की कोई समस्या प्लेटलेट के बढ़ने के कारण ऐसा हो सकता है।
पूर्ण रक्त गणना (CBC), निम्न दरें
लाल रक्त कोशिका (RBC)
एनीमिया के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है। एनीमिया, माहवारी में ज्यादा रक्तस्राव, पेट के अल्सर, पेट के कैंसर, सूजन आंत्र रोग, कुछ ट्यूमर, एडिसन रोग, थैलेसीमिया, सीसा विषाक्तता, सिकल सेल रोग, या कुछ रसायनों और दवाओं की प्रतिक्रियाओं के कारण भी हो सकता है। वहीं अगर किसी बीमारी की वजह से आपका स्प्लीन निकाल दिया गया हो तो भी RBC की दर में कमी आ सकती है।
फोलिक एसिड या विटामिन बी 12 की कमी से भी एनीमिया हो सकता है। जैसे अस्पेरनिसियस एनीमिया, एक ऐसी समस्या है जिसमे विटामिन बी 12 अवशोषित हो जाता है।
RBC सूचकांक मूल्य और ब्लड स्मीयर से एनीमिया के कारणों का पता लगाया जाता है।
सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (WBC)
कीमोथेरेपी, अन्य दवाओं की प्रतिक्रिया, अप्लास्टिक अनीमिया, वायरल संक्रमण, मलेरिया, शराब, एड्स, लुपस, और कुशिंग सिंड्रोम के कारण सफ़ेद रक्त कोशिकाएं की संख्या में कमी आ सकती है।
इनके अलावा भी बढे हुए प्लीहा (Spleen) के कारण भी WBC की संख्या कम हो जाती है।
प्लेटलेट
प्लेटलेट का कम होना गर्भावस्था के दौरान भी हो सकता है। इसके अलावा आइडियोपैथिक थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (ITP) या कुछ अन्य कारणों से कभी-कभी प्लेटलेट्स कम बनने शुरू हो जाते हैं या नष्ट होने लगते है।
बढ़ा हुआ प्लीहा भी इसका एक कारण हो सकता है।
जाँच को प्रभावित करने वाले कारक:
कुछ ऐसे कारक जिनकी वजह से या तो आप जाँच करवाने में सक्षम न हों या फिर हो सकता है कि आपकी जाँच के नतीजे ठीक न आएं।
अगर आपके हाथो में जिससे रक्त का नमूना लिया गया है, बहुत देर तक प्लास्टिक बैंड बँधा रहे।
कुछ ऐसे दवायें जिनके प्रयोग से प्लेटलेट का स्तर घट जाए, जैसे स्टेरॉयड, कुछ एंटीबायोटिक दवाएं, थियाजिड मूत्रल, कीमोथेरेपी की दवाएं, Quinidine, और Meprobamate.
अत्यधिक सफ़ेद रक्त कोशिकाएं और ज्यादा ट्राइग्लिसराइड्स, इनकी वजह से हीमोग्लोबिन का मूल्य ज्यादा आता है जोकि गलत परिणाम हो सकता है।
कुछ प्रकार के कैंसर की वजह से प्लीहा बढ़ जाता है, जिससे सफ़ेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स की संख्या कम (Thrombocytopenia) हो जाती है।
गर्भावस्था में सामान्य तौर पर RBC की संख्या कम हो जाती है, और बहुत कम मामले ऐसे होते हैं जिनमें WBC की संख्या बढ़ जाती हो।
यह भी जानें :
सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की संख्या व्यायाम, तनाव, या धूम्रपान से 2,000 WBCs / माइक्रोलीटर (mcL) तक बदल सकती है।
बच्चो में सामान्य रूप से वयस्कों की तुलना में अधिक WBC (ल्युकोसैट) होते हैं।
कुछ और ऐसे परीक्षण हैं जो लाल रक्त कोशिकाओं के लिए किये जा सकते हैं:
एरिथ्रोसाइट अवसादन दर (ESR): ESR परीक्षण में यह देखा जाता है कि कितनी तेजी से RBC टेस्ट ट्यूब में बैठ जाते है। जब शरीर में संक्रमण या कैंसर की वजह से सूजन मौजूद हो तो RBC टेस्ट ट्यूब में सामान्य के अपेक्षा बहुत धीमी गति से नीचे बैठते हैं। CBC की जाँच सामान्य होने के बावजूद ESR परीक्षण द्वारा शरीर में सूजन की बिमारियों का पता लगाया जा सकता है।
रेटिकुलोसाइट काउंट (Reticulocyte count): इस परीक्षण द्वारा, रक्त के नमूने में अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या का पता लगाते हैं। सामान्य रूप से परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की अपेक्षा अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम होती है। लेकिन अगर आपको हाल ही में रक्त स्त्राव हुआ हो, या किसी अन्य कारण से परिपक्व लाल रक्त कणिकाओं की संख्या कम हुई हो तो इस स्थिति में नई लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या ज्यादा हो जाती है। यह परीक्षण कुछ प्रकार के एनीमिया का पता लगाने और उसके उपचार की जानकारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
पूर्ण रक्त गणना (Complete Blood Count, CBC) वह जाँच होती है जिसमें रक्त में पाई जाने वाली सभी कोशिकाओं की जांच की जाती है। जिनमें सबसे मुख्य हैं लाल रक्त कणिकाएं (RBC), सफ़ेद रक्त कणिकाएं या कोशिकाएं (WBC) और प्लेटलेट्स (Platelets)। डॉक्टर इन सभी की जाँच आपमें उभरे लक्षणों जैसे थकावट, बेहोशी या चोट के आधार पर करता है। इस टेस्ट के द्वारा किसी भी व्यक्ति में होने वाली कई समस्याओं का पता लगाया जा सकता है, जैसे खून की कमी(Anemia), संक्रमण या कुछ अन्य बीमारियां
(CBC) इन चीजों की जानकारी के लिए किया जाता है:
सफेद रक्त कोशिका (डब्ल्यूबीसी, ल्युकोसैट) की गिनती: WBC शरीर को संक्रमण से बचाती है। यदि शरीर में कोई बैक्टीरिया पैदा होता है, तो ये सफेद रक्त कोशिकाएं क्रियाशील हो जाती हैं और बेक्टिरया, वायरस और दूसरे विषाणुओं पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर देती हैं। सफ़ेद रक्त कणिकाएं, लाल रक्त कणिकाओं से बड़ी होती हैं। लेकिन इनकी संख्या लाल रक्त कोशिकाओं से कम होती हैं। जब किसी व्यक्ति को बैक्टीरिया से संक्रमण हो जाता है तो यह कोशिकाएं उन्हें फटाफट खत्म कर देती हैं। इसीलिए कभी-कभी सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की जांच शरीर में कैंसर जैसी बीमारी में यह देखने के लिए की जाती है, कि उपचार का इस बीमारी पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के कुछ प्रकार: इन कोशिकाओं के प्रकार इस तरह से हैं, न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइटों, मोनोसाइट्स, इयोस्नोफिल्स, बेसोफिल और अपरिपक्व न्यूट्रोफिल यह भी इसी टेस्ट का एक हिस्सा होते हैं। इनमें से हर एक कोशिका शरीर में संक्रमण के खिलाफ अलग-अलग भूमिकाएं निभाती हैं। साथ ही इन कोशिकाओं की रक्त में मात्रा से भी शरीर की रोग-प्रतिरोधी क्षमता का पता चलता है। रक्त में बहुत ज्यादा या बहुत कम रक्त कोशिकाओं के होने से अलग-अलग प्रकार की एलर्जी और संक्रमण दवाइयों के दुष्प्रभावों जैसे ल्यूकीमिया (Leukaemia) का पता चलता है।
लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) गणना: लाल रक्त कणिकाओं का कार्य ऑक्सीजन को फेंफड़ों समेत पूरे शरीर में फैलाना है। इसके अलावा यह कार्बनडाईऑक्साइड को भी शरीर से वापस फेफड़ों में ले जाती हैं और फेंफड़े उन्हें सांसों के द्वारा बाहर छोड़ देते हैं। यदि शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की कमी हो जाए तो इसे एनीमिया यानी खून की कमी कहा जाता है। लाल रक्त कणों के कम होने से ऑक्सीजन भी पूरे शरीर को नहीं मिल पाती। वहीं यदि लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या ज्यादा हो जाए तो उस स्थिति को पॉलिसिथिमिया (Polisithimia) कहा जाता है। वहीं एक परिस्थिति यह भी हो सकती है कि लाल रक्त कोशिकाएं एक दूसरें से चिपक जाएं। यदि ऐसा हो जाए तो वह छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक देती हैं। इसकी वजह से भी पूरे शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
हेमाटोक्रिट ((HST)- पैक्ड सेल वॉल्यूम, PCV): इस टेस्ट के द्वारा रक्त में उस जगह का पता लगाया जाता है जिसे लाल रक्त कोशिकाओं ने घेरा होता है। यह दर रक्त की मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं के प्रतिशत के रूप में दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, 38 हेमाटोक्रिट का मतलब है कि रक्त का 38% लाल रक्त कोशिकाओं से बना है। हेमाटोक्रिट और हीमोग्लोबिन ऐसे दो महत्वपूर्ण टेस्ट हैं जो शरीर में एनीमिया और पोलिसिथिमिया के होने की जानकारी देते हैं।
हीमोग्लोबिन (HGB): हीमोग्लोबिन अणु लाल रक्त कोशिकाओं को भरते हैं। यह न सिर्फ शरीर में ऑक्सीजन को ले जाते हैं बल्कि कोशिकाओं का लाल रंग भी इसी की वजह से होता है। हीमोग्लोबिन टेस्ट के द्वारा रक्त में हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है, और रक्त द्वारा पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचने के लिए भी यह सबसे अच्छा टेस्ट है।
लाल रक्त कोशिका सूचकांक: तीन प्रकार की लाल रक्त कोशिकाएं का सूचकांक तीन प्रकार का होता है: अतिसूक्ष्म कणों की मीन मात्रा (एमसीवी), (एमसीएचसी) मीन कणिका हीमोग्लोबिन (एमसीएच), मीन कणिका हीमोग्लोबिन एकाग्रता (एमसीएचसी)
प्लेटलेट (थ्रोम्बोसाइट) गणना: प्लेटलेट थ्रोम्बोसाइट सबसे छोटे प्रकार की रक्त कोशिकाएं होती हैं। ये रक्त का थक्का बनने में महतवपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि किसी को खून बहता है तो प्लेटलेट आपस में चिपक जाते हैं और चिपचिपे होकर रक्त के ज्यादा बहाव को नियंत्रित करते हैं। यदि इनकी संख्या कम हो जाए तो अनियंत्रित खून बहने जैसी समस्या हो जाती है। लेकिन इनकी संख्या यदि बढ़ जाए तो इस से रक्त कोशिकाओं में रक्त का थक्का बनने की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके अलावा यह धमनियों (अथेरोस्क्लेरोसिस) को सख्त भी बना सकते हैं।
प्लेटलेट की मीन मात्रा (MPV): प्लेटलेट की मीन मात्रा, प्लेटलेट्स की औसत राशि (मात्रा) की माप करती है। मीन प्लेटलेट मात्रा का प्रयोग प्लेटलेट मात्रा अन्य कई रोगों की जानकारी के लिए भी किया जाता है।
आपका डॉक्टर आपको रक्त स्मीयर परीक्षण कराने की सलाह दे सकता है। लेकिन यह नियमित होने वाले CBC टेस्ट का हिस्सा नहीं है। इस टेस्ट में रक्त की एक बूँद को एक स्लाइड पर रखा जाता है और इसमें एक डाई मिलाई जाती है। इसके बाद इस स्लाइड को (सूक्ष्मदर्शी) माइक्रोस्कोप के माध्यम से देखा जाता है। इसके बाद रक्त में कोशिकाओं की संख्या, आकर सबको देखा जाता है। यदि इसके द्वारा रक्त कोशिकाओं में उनकी संख्या, रंग आकार में कोई बदलाव दिखता है तो उसके आधार पर लुकीमिया, मलेरिया और दूसरी बीमारियों का पता लगाया जाता है।
क्यों जरुरी है पूर्ण रक्त गणना (complete blood count)?
कम्प्लीट ब्लड काउंट निम्न कारणों से किया जाता है:
- थकान, कमजोरी, बुखार, चोट, या वजन घटने जैसे लक्षणो के कारणों का पता लगाने के लिए।
- खून की कमी की जाँच के लिए।
- यह पता लगाने के लिए रक्तस्त्राव में कितने खून की हानि हो चुकी है।
- पॉलिसाइथिमिया की जांच के लिए।
- संक्रमण की जाँच के लिए।
- खून की बीमारी जैसे लेकिमिया (Leukemia) की जाँच के लिए।
- यह पता लगाने के लिए कि विकिरण (Radiation) उपचार और कुछ दवाइयों के साथ शरीर किस तरह से प्रतिक्रिया दे रहा है।
- यह पता लगाने के लिए कि असामान्य रक्तस्त्राव (Abnormal bleeding) शरीर की रक्त कोशिकाओं और काउंट्स (Blood cells and counts) कैसे प्रभावित कर रहीं हैं।
- सर्जरी के पहले कम और ज्यादा दरों की स्क्रीन के लिए।
- कुछ ख़ास प्रकार की कम या ज्यादा कोशिकाओं का पता लगाने के लिए। इस से कुछ अन्य प्रकार की स्थितियों जैसे बहुत ज्यादा इयोस्नोफिल्स (Eosinophils) होने और न होने का भी पता चल जाता है। इसकी ज्यादता मात्रा शरीर में अस्थमा या संक्रमण के होने का संकेत करती है।
- कम्प्लीट ब्लड काउंट को नियमित चेक अप के तौर पर भी किया जा सकता है। ब्लड काउंट टेस्ट के द्वारा स्वास्थ्य की सामान्य जानकारी मिल जाती है।
नतीजे
इस टेस्ट के द्वारा रक्त के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाती है, जैसे रक्त में अलग-अलग प्रकार की कोशिकाओं की संख्या कितनी है। खास कर लाल रक्त कोशिकाओं (Red blood cells), सफ़ेद रक्त कोशिकाओं (White blood cells) और प्लेटलेट के बारे में। डॉक्टर इस टेस्ट को आपके किसी भी लक्षण जैसे चक्कर आना, कमजोरी या चोट के आधार पर कर सकता है। इस टेस्ट के द्वारा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे एनीमिया, संक्रमण, और कई कुछ अन्य विकारों के बारे में भी पता चल जाता है।
सामान्य नतीजे
यहाँ कम्प्लीट ब्लड काउंट की कुछ सामान्य दरें दी गई हैं। यह सिर्फ एक आम पैमाना है। यह नतीजे अलग-अलग लैब के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। हो सकता है कि जांच के जो नतीजे एक लैब में सामान्य हो वह दूसरी में न हो। इसीलिए डॉक्टर हमेशा इस जाँच के नतीजों के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य और उसके इतिहास के अनुसार ही ट्रीटमेंट शुरू करता है।
किसी व्यक्ति के कम्प्लीट ब्लड सेल्स की जाँच की समान्य दर काफी सारी चीजों पर निर्भर करती है, जैसे उम्र, महिला या पुरुष होना आदि। आपका डॉक्टर आपके स्वास्थ्य की पूरी जाँच के लिए आपके सीबीसी की पूरी जाँच करेगा। उदाहरण के तौर पर लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) काउंट, हीमोग्लोबिन (HGB) और हिमेटोक्रिट (HCT) की जाँच किसी भी व्यक्ति में खून की कमी के लिए सबसे बेहतरीन जांच है। वहीं लाल रक्त कोशिकाओं के सूचकांक और रक्त के धब्बों द्वारा भी खून की कमी और इसके कारणों का पता लगाया जा सकता है।
यह देखने के लिए कि सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (WBC, leukocyte) काउंट ठीक है या नहीं। धब्बों के रूप में यह कोशिकाएं कैसी दिखती हैं या नहीं। डॉक्टर सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के दोनों ही नंबरों (WBC गणना) और (WBC अंतर) पर गौर करेगा। इस बात की जानकारी की जाएगी कि इन कोशिकाओं की संख्या बहुत ज्यादा या बहुत कम तो नहीं है। डॉक्टर इन सभी कोशिकाओं की प्रतिशतता और गणना दोनों पर ही गौर करेगा।
यहाँ प्रत्येक प्रकार की कोशिकाओं की कुछ सामान्य दरें दी गई हैं।
वहीं एक बात और ध्यान रखने योग्य है कि गर्भावस्था में इन कोशिकाओं की दरें कम या ज्यादा भी हो सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर हर तीन महीने में इन कोशिकाओं की दरों की जाँच करेगा।
सफेद रक्त कोशिकाएं (डब्ल्यूबीसी, ल्युकोसाइट) गणना
पुरुष और ऐसी महिलाएं जो गर्भवती नहीं हैं।
5,000–10,000 WBCs per cubic millimeter (mm3) or 5.0–10.0 x 109 WBCs per liter (L)
सफेद रक्त कोशिकाओं के प्रकार (WBC अंतर)
न्यूट्रोफिल:
50%–62%
बैंड न्यूट्रोफिल:
3%–6%
लिम्फोसाइटों:
25%–40%
मोनोसाइट्स
3%–7%
इयोस्नोफिल्स:
0%–3%
बसोफिल्स:
0%–1%
लाल रक्त कोशिका गणना (RBC count)
पुरुष
4.5–5.5 प्रति माइक्रोलीटर (एमसीएल) मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं या 4.5–5.5 x 1012/लीटर (एल)
महिलाएं
4.0–5.0 प्रति एमसीएल मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं or 4.0–5.0 x 1012/L
बच्चे
3.8–6.0 प्रति एमसीएल मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं or 3.8–6.0 x 1012/L
नवजात शिशु
4.1–6.1 प्रति एमसीएल मिलियन लाल रक्त कोशिकाएं or 4.1–6.1 x 1012/L
हेमाटोक्रिट (HCT)
पुरुष
42%–52% या 0.42–0.52 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
महिलाएं
36%–48% या 0.36–0.48 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
बच्चे
29%–59% या 0.29–0.59 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
नवजात शिशु
44%–64% या 0.44–0.64 वॉल्यूम फ़्रैक्शन
हीमोग्लोबिन (Hgb)
पुरुष
14–17.4 ग्राम/ डेसीलीटर (जी / डीएल) या 140–174 ग्राम/ लीटर (ग्रा / एल)
महिलाएं
12–16 जी / डीएल या 120–160 ग्रा / एल
बच्चे
9.5–20.5 जी / डीएल या 95–205 ग्रा / एल
नवजात शिशु
14.5–24.5 जी / डीएल या or 145–245 ग्रा / एल
सामान्य, हीमोग्लोबिन की मात्रा हेमटोक्रिट के एक-तिहाई हिस्से के बराबर होती है।
लाल रक्त कोशिका का सूचकांक
मीन कोरपुसकुलर वॉल्यूम (MCV)—वयस्कों में
84–96 फेमटोलीटेर्स (एफ.एल)
मीन कॉर्पस्कुलर हीमोग्लोबिन (MCH)—वयस्कों में
28–34 पिकोग्राम्स (पी.जी) प्रति सेल
मीन कॉर्पस्कुलर हीमोग्लोबिन कंसंट्रेशन (MCHC)—वयस्कों में
32–36 एक लिटर का दशमांश प्रति ग्राम (ग्राम / डीएल)
लाल कोशिकाओं की वितरण चौड़ाई (RDW)
सामान्य
11.5%–14.5%
प्लेटलेट (थ्रोम्बोसाईट) गणना
व्यसक:
140,000–400,000 प्लेटलेट्स प्रति mm3 या 140–400 x 109/L
बच्चे
150,000–450,0003 प्रति प्लेटलेट्स प्रति mm3 या 150–450 x 109/L
प्लेटलेट की मीन मात्रा (एमपीवी)
व्यसक:
7.4-10.4 mcm3 या 7.4-10.4 FL
बच्चे
7.4-10.4 mcm3 या 7.4-10.4 FL
रक्त का फ़ैलाव (blood smear)
सामान्य
रक्त कोशिकाएं आकार, रंग, और संख्या में सामान्य होंगी।
उच्च दरें लाल रक्त कोशिका (RBC)
धूम्रपान, कार्बन मोनोऑक्साइड, लंबी अवधि से चली आ रही फेफड़ों और गुर्दों की बीमारी, कुछ खास प्रकार के कैंसर, हृदय रोग, शराब, यकृत रोग, अस्थि मज्जा (Polycythemia), या हीमोग्लोबिन के कुछ खास विकार, ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह सभी कारक रक्त में ऑक्सीजन को सख्ती के साथ बांध देते हैं।
इसके अलावा कुछ और ऐसे कारण भी हैं जिनकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाने से लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या ज्यादा हो जाती है। ये कारण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं जैसे, उल्टी दस्त, पसीना निकलना या मूत्रवर्धक (Diuretic) दवाइयों का प्रयोग। शरीर में तरल पदार्थों की कमी के कारण जब लाल रक्त कोशिकाएं बढ़ती हैं तो इस स्थिति को नकली पॉलिसिथिमिया (Spurious Polycythemia) कहा जाता है।
सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (WBC)
सफ़ेद रक्त कोशिकाओं का रक्त में बढ़ना, संक्रमण, सूजन, शरीर के ऊतकों का नष्ट होना (दिल का दौरा), गंभीर शारीरिक या मानसिक तनाव (जैसे बुखार, चोट, या सर्जरी), गुर्दे की विफलता, लूपस, तपेदिक (टीबी), संधिशोथ, कुपोषण, ल्यूकेमिया और कैंसर के जैसी बीमारी होती है।
इनके अलावा कॉर्टिकॉस्टरॉइड का प्रयोग, कम क्रियाशील अधिवृक्क ग्रंथि (Underactive Adrenal Glands), थायराइड ग्रंथि की समस्याएं (Thyroid Gland Problems), कुछ दवाओं का प्रयोग और तिल्ली का हटना भी कुछ ऐसे कारण हैं जिनके कारण रक्त में WBC की दर बढ़ सकती है।
प्लेटलेट
अत्यधिक रक्तस्राव, या आयरन की कमी, कुछ बीमारियां जैसे कैंसर या अस्थि मज्जा (Bone Marrow) में किसी प्रकार की कोई समस्या प्लेटलेट के बढ़ने के कारण ऐसा हो सकता है।
पूर्ण रक्त गणना (CBC), निम्न दरें
लाल रक्त कोशिका (RBC)
एनीमिया के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है। एनीमिया, माहवारी में ज्यादा रक्तस्राव, पेट के अल्सर, पेट के कैंसर, सूजन आंत्र रोग, कुछ ट्यूमर, एडिसन रोग, थैलेसीमिया, सीसा विषाक्तता, सिकल सेल रोग, या कुछ रसायनों और दवाओं की प्रतिक्रियाओं के कारण भी हो सकता है। वहीं अगर किसी बीमारी की वजह से आपका स्प्लीन निकाल दिया गया हो तो भी RBC की दर में कमी आ सकती है।
फोलिक एसिड या विटामिन बी 12 की कमी से भी एनीमिया हो सकता है। जैसे अस्पेरनिसियस एनीमिया, एक ऐसी समस्या है जिसमे विटामिन बी 12 अवशोषित हो जाता है।
RBC सूचकांक मूल्य और ब्लड स्मीयर से एनीमिया के कारणों का पता लगाया जाता है।
सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (WBC)
कीमोथेरेपी, अन्य दवाओं की प्रतिक्रिया, अप्लास्टिक अनीमिया, वायरल संक्रमण, मलेरिया, शराब, एड्स, लुपस, और कुशिंग सिंड्रोम के कारण सफ़ेद रक्त कोशिकाएं की संख्या में कमी आ सकती है।
इनके अलावा भी बढे हुए प्लीहा (Spleen) के कारण भी WBC की संख्या कम हो जाती है।
प्लेटलेट
प्लेटलेट का कम होना गर्भावस्था के दौरान भी हो सकता है। इसके अलावा आइडियोपैथिक थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (ITP) या कुछ अन्य कारणों से कभी-कभी प्लेटलेट्स कम बनने शुरू हो जाते हैं या नष्ट होने लगते है।
बढ़ा हुआ प्लीहा भी इसका एक कारण हो सकता है।
जाँच को प्रभावित करने वाले कारक:
कुछ ऐसे कारक जिनकी वजह से या तो आप जाँच करवाने में सक्षम न हों या फिर हो सकता है कि आपकी जाँच के नतीजे ठीक न आएं।
अगर आपके हाथो में जिससे रक्त का नमूना लिया गया है, बहुत देर तक प्लास्टिक बैंड बँधा रहे।
कुछ ऐसे दवायें जिनके प्रयोग से प्लेटलेट का स्तर घट जाए, जैसे स्टेरॉयड, कुछ एंटीबायोटिक दवाएं, थियाजिड मूत्रल, कीमोथेरेपी की दवाएं, Quinidine, और Meprobamate.
अत्यधिक सफ़ेद रक्त कोशिकाएं और ज्यादा ट्राइग्लिसराइड्स, इनकी वजह से हीमोग्लोबिन का मूल्य ज्यादा आता है जोकि गलत परिणाम हो सकता है।
कुछ प्रकार के कैंसर की वजह से प्लीहा बढ़ जाता है, जिससे सफ़ेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स की संख्या कम (Thrombocytopenia) हो जाती है।
गर्भावस्था में सामान्य तौर पर RBC की संख्या कम हो जाती है, और बहुत कम मामले ऐसे होते हैं जिनमें WBC की संख्या बढ़ जाती हो।
यह भी जानें :
सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की संख्या व्यायाम, तनाव, या धूम्रपान से 2,000 WBCs / माइक्रोलीटर (mcL) तक बदल सकती है।
बच्चो में सामान्य रूप से वयस्कों की तुलना में अधिक WBC (ल्युकोसैट) होते हैं।
कुछ और ऐसे परीक्षण हैं जो लाल रक्त कोशिकाओं के लिए किये जा सकते हैं:
एरिथ्रोसाइट अवसादन दर (ESR): ESR परीक्षण में यह देखा जाता है कि कितनी तेजी से RBC टेस्ट ट्यूब में बैठ जाते है। जब शरीर में संक्रमण या कैंसर की वजह से सूजन मौजूद हो तो RBC टेस्ट ट्यूब में सामान्य के अपेक्षा बहुत धीमी गति से नीचे बैठते हैं। CBC की जाँच सामान्य होने के बावजूद ESR परीक्षण द्वारा शरीर में सूजन की बिमारियों का पता लगाया जा सकता है।
रेटिकुलोसाइट काउंट (Reticulocyte count): इस परीक्षण द्वारा, रक्त के नमूने में अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या का पता लगाते हैं। सामान्य रूप से परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की अपेक्षा अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम होती है। लेकिन अगर आपको हाल ही में रक्त स्त्राव हुआ हो, या किसी अन्य कारण से परिपक्व लाल रक्त कणिकाओं की संख्या कम हुई हो तो इस स्थिति में नई लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या ज्यादा हो जाती है। यह परीक्षण कुछ प्रकार के एनीमिया का पता लगाने और उसके उपचार की जानकारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
what is complete blood count test in hindi
संदीप माहेश्वरी के अनमोल विचार
इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या सोचते हैं, आप क्या बोलते हैं, आप क्या सुनते हैं, फर्क इससे पड़ता है कि आप क्या मानते हैं… क्योंकि जो आप मानते हैं आज नहीं तो कल आप वो बन जाते हैं.
न भागना है न रुकना है …बस चलते रहना है … चलते रहना है..
मैं सिर्फ good luck को मानता हूँ, bad luck नाम की इस दुनिया में कोई चीज नहीं, क्योंकि जो होता है अच्छे के लिए होता है। इसका मतलब हमारे साथ कुछ बुरा भी हो रहा है तो बुरा लग रहा है बुरा है नहीं, आज बुरा लग रहा है आगे आने वाले टाइम पे पता चलता है कि वो भी अच्छे के लिए हुआ है।
अपनी life की छोटी से छोटी problems बड़ी से बड़ी problems उसमे जा कर के इन दो words को चिपका दो, अंदर से जिस दिन आवाज आने लग गयी न.. “आसान है ”, उस दिन सबकुछ सबकुछ सच मे आसान हो जाएगा.. और यही मेरी life का सबसे बड़ा secret है सबसे बड़ा… “आसान है !” इसकी power को under estimate मत करो … इसने मेरी ज़िन्दगी बदली है !
संदीप माहेश्वरी
वो क्या सोचेगा…ये मत सोचो…वो भी यही सोच रहा है. एक समय लोग मुझसे कहते थे …ये ले दस रुपये और मेरी photo खींच दे …अगर मैं यही सोचता कि लोग क्या कहेंगे तो मैं आज यहाँ नहीं होता.. दुनिया का सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग!
अपनी life की छोटी से छोटी problems बड़ी से बड़ी problems उसमे जा कर के इन दो words को चिपका दो, अंदर से जिस दिन आवाज आने लग गयी न.. “आसान है ”, उस दिन सबकुछ सबकुछ सच मे आसान हो जाएगा.. और यही मेरी life का सबसे बड़ा secret है सबसे बड़ा… “आसान है !” इसकी power को under estimate मत करो … इसने मेरी ज़िन्दगी बदली है !
संदीप माहेश्वरी
वो क्या सोचेगा…ये मत सोचो…वो भी यही सोच रहा है. एक समय लोग मुझसे कहते थे …ये ले दस रुपये और मेरी photo खींच दे …अगर मैं यही सोचता कि लोग क्या कहेंगे तो मैं आज यहाँ नहीं होता.. दुनिया का सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग!
अगर मेरे जैसा लड़का जो दब्बू था…जो शर्माता था…वो अगर स्टेज पे आकर बोल सकता है तो दुनिया का कोई भी आदमी कुछ भी कर सकता है।
Sandeep Maheshwari- ये इंसान आपकी ज़िन्दगी बदल सकता है ! (Sandeep Maheshwari Biography in Hindi)
Name - Sandeep Maheshwari / संदीप माहेश्वरी
Born September - 28, 1980
Occupation - Motivational Speaker, Businessman
Nationality - Indian
Achievement - Founder and CEO of Imagesbazaar, जिस पर है Indian images का सबसे बड़ा कलेक्शन Has won Pioneer of Tomorrow Award, Young Creative Entrepreneur Award and Star Achiever Award. उनके नाम है फोटोग्राफी का वर्ल्ड रिकॉर्ड जो Limca Books of Records में दर्ज है.
Name - Sandeep Maheshwari / संदीप माहेश्वरी
Born September - 28, 1980
Occupation - Motivational Speaker, Businessman
Nationality - Indian
Achievement - Founder and CEO of Imagesbazaar, जिस पर है Indian images का सबसे बड़ा कलेक्शन Has won Pioneer of Tomorrow Award, Young Creative Entrepreneur Award and Star Achiever Award. उनके नाम है फोटोग्राफी का वर्ल्ड रिकॉर्ड जो Limca Books of Records में दर्ज है.
संदीप माहेश्वरी के बेहद प्रेरक जो आपकी जिंदगी बदल देगा
Quote 1 : If you are searching for that person who will change your life, take a look in the Mirror.
In Hindi : अगर आप उस इंसान की तलाश कर रहे हैं जो आपकी ज़िन्दगी बदलेगा, तो आईने में देख लें।
Quote 1 : If you are searching for that person who will change your life, take a look in the Mirror.
In Hindi : अगर आप उस इंसान की तलाश कर रहे हैं जो आपकी ज़िन्दगी बदलेगा, तो आईने में देख लें।
Quotes 2 : The eye you see the world, this is the way you will see all around the world.
In Hindi: जिस नज़र से आप इस दुनिया को देखेंगे, ये दुनिया आपको वैसी ही दिखेगी.
Quote 3 : If you have more than you need share it with those who need it the most.
In Hindi : अगर आपके पास ज़रुरत से ज्यादा है तो उसे उनसे शेयर करिये जिन्हे इसकी सबसे ज्यादा ज़रुरत है.
Quote 4 : Those who cannot change their minds cannot change anything.
In Hindi : जो लोग अपनी सोच नहीं बदल सकते वे कुछ नहीं बदल सकते.
Quote 5 : Mistakes are proof you are trying.
In Hindi: गलतियां इस बात का सुबूत हैं कि आप प्रयास कर रहे हैं.
Quote 6 : A ‘Desire’ changes nothing, A ‘Decision’ changes something but.. A ‘Determination’
changes everything.
In Hindi : एक ‘इच्छा’ कुछ नहीं बदलती, एक ‘निर्णय’ कुछ बदलता है, लेकिन एक ‘निश्चय’ सब कुछ बदल देता है.
Quotes 7 : Success always hugs you in private..! But failure always slaps you in the public..! That’s Life.
In Hindi: सफलता हमेशा अकेले में गले लगाती है.! लेकिन असफलता हमेशाआपको सबके सामने तमाचा मारती है..! यही जीवन है.
Quotes 8 : The person who has changed his habit, he will change tomorrow, and the person who could not change their habit with him tomorrow will be what is happening already and will happen.
In Hindi : जिस व्यक्ति ने अपनी आदतें बदल लीं वो कल बदल जाएगा, और जिसने नहीं बदलीं, उसके साथ कल भी वही होगा जो आज तक होता आया है.
Quotes 9 : Say Good, listen good, look good.
In Hindi: अच्छा बोलो, अच्छा सनुो, अच्छा देखो.
Quotes 10 : Neither run away nor wait…Just keep moving.
In Hindi : न मैदान छोडो, न इंतज़ार करो… बस चलते रहो.
Quotes 11 : Money is as much important, as is patrol in a car, not more, not less.
In Hindi: पैसे की जरुरत उतनी ही हे जितनी एक कार में पेट्रोल की , न कम, न ज्यादा.
Quotes 12 : Any work you put in 100%, then you’ll be successful.
In Hindi: किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे तो आप सफल हो जाएंगे.
Quote 13 : जब हम बोलते हैं आसान है और जवाब मांगते हैं तो जवाब मिल जाता है।
Quote 14 : सक्सेस एक्सपीरियंस से आती है और एक्सपीरियंस बैड एक्सपीरियंस से।
Quote 15 : कामयाब होना कोई बड़ों का खेल नहीं… ये बच्चों का खेल है…और अगर तुम मान लो कि successful होना बच्चों का खेल है तो क्या होगा… successful हो जाओगे…
Quote 16 : जो मन करे करो खुल के करो क्योंकि ये दिन दुबारा नही आने वाला।
Quote 17 : हमेशा याद रखो जो होता है अच्छे के लिए होता है…
Quote 28: जितने भी believes जो झूठ पर based हैं उनको बनने में सदियाँ लगती हैं, पर टूटने में एक सेकेण्ड लगता है.
Quote 18 : बुरा मत देखो बुरा मत बोलो बुरा मत सुनो… ये नहीं बोलना है इसकी जगह बोलो… अच्छा देखो, अच्छा बोलो अच्छा सुनो.
Quote 19 : आज मैं(संदीप माहेश्वरी) जो कुछ हूँ अपने failures की वजह से हूँ।
In Hindi: जिस नज़र से आप इस दुनिया को देखेंगे, ये दुनिया आपको वैसी ही दिखेगी.
Quote 3 : If you have more than you need share it with those who need it the most.
In Hindi : अगर आपके पास ज़रुरत से ज्यादा है तो उसे उनसे शेयर करिये जिन्हे इसकी सबसे ज्यादा ज़रुरत है.
Quote 4 : Those who cannot change their minds cannot change anything.
In Hindi : जो लोग अपनी सोच नहीं बदल सकते वे कुछ नहीं बदल सकते.
Quote 5 : Mistakes are proof you are trying.
In Hindi: गलतियां इस बात का सुबूत हैं कि आप प्रयास कर रहे हैं.
Quote 6 : A ‘Desire’ changes nothing, A ‘Decision’ changes something but.. A ‘Determination’
changes everything.
In Hindi : एक ‘इच्छा’ कुछ नहीं बदलती, एक ‘निर्णय’ कुछ बदलता है, लेकिन एक ‘निश्चय’ सब कुछ बदल देता है.
Quotes 7 : Success always hugs you in private..! But failure always slaps you in the public..! That’s Life.
In Hindi: सफलता हमेशा अकेले में गले लगाती है.! लेकिन असफलता हमेशाआपको सबके सामने तमाचा मारती है..! यही जीवन है.
Quotes 8 : The person who has changed his habit, he will change tomorrow, and the person who could not change their habit with him tomorrow will be what is happening already and will happen.
In Hindi : जिस व्यक्ति ने अपनी आदतें बदल लीं वो कल बदल जाएगा, और जिसने नहीं बदलीं, उसके साथ कल भी वही होगा जो आज तक होता आया है.
Quotes 9 : Say Good, listen good, look good.
In Hindi: अच्छा बोलो, अच्छा सनुो, अच्छा देखो.
Quotes 10 : Neither run away nor wait…Just keep moving.
In Hindi : न मैदान छोडो, न इंतज़ार करो… बस चलते रहो.
Quotes 11 : Money is as much important, as is patrol in a car, not more, not less.
In Hindi: पैसे की जरुरत उतनी ही हे जितनी एक कार में पेट्रोल की , न कम, न ज्यादा.
Quotes 12 : Any work you put in 100%, then you’ll be successful.
In Hindi: किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे तो आप सफल हो जाएंगे.
Quote 13 : जब हम बोलते हैं आसान है और जवाब मांगते हैं तो जवाब मिल जाता है।
Quote 14 : सक्सेस एक्सपीरियंस से आती है और एक्सपीरियंस बैड एक्सपीरियंस से।
Quote 15 : कामयाब होना कोई बड़ों का खेल नहीं… ये बच्चों का खेल है…और अगर तुम मान लो कि successful होना बच्चों का खेल है तो क्या होगा… successful हो जाओगे…
Quote 16 : जो मन करे करो खुल के करो क्योंकि ये दिन दुबारा नही आने वाला।
Quote 17 : हमेशा याद रखो जो होता है अच्छे के लिए होता है…
Quote 28: जितने भी believes जो झूठ पर based हैं उनको बनने में सदियाँ लगती हैं, पर टूटने में एक सेकेण्ड लगता है.
Quote 18 : बुरा मत देखो बुरा मत बोलो बुरा मत सुनो… ये नहीं बोलना है इसकी जगह बोलो… अच्छा देखो, अच्छा बोलो अच्छा सुनो.
Quote 19 : आज मैं(संदीप माहेश्वरी) जो कुछ हूँ अपने failures की वजह से हूँ।
Quote 20 : मैं इस वजह से successful नहीं हूँ कि कुछ लोगों को लगता है कि मैं successful हूँ … मैं इस वजह से सक्सेसफुल हूँ क्योंकि मुझे लगता है कि मैं successful हूँ..
Quote 21 : अगर दुनिया के एक इंसान भी कोई काम कर सकता है तो आप भी उस काम को खेल-खेल में कर सकते हैं।
Quote 22 :आप इसे पसंद करें या नहीं, आप इसे स्वीकार करें या नहीं, आप इसमें विश्वास करें या नहीं…लेकिन आपकी जिन्दगी वैसी ही है जैसी कि आपने अपने लिए चुनी है।
Quote 23 : बिना सोचे काम करना और बिना कुछ काम किये सोचते रहना…100% असफलता देता है।
Quote 24 : जब दिमाग़ कमजोर होता है, परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं। जब दिमाग़ स्थिर होता है, तब परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं। लेकिन जब दिमाग़ मजबूत होता है, तब परिस्थितयां अवसर बन जाती हैं।
Quote 25 : जिस दिन आपने खुल करके अपनी ज़िन्दगी जी ली बस वही त्यौहार है बाकी सब बस कैलेण्डर की डेट्स हैं।
Quote 26 :तू यही सोच रहा है न कि तेरे घर वाले क्या सोचेंगे… तेरे रिश्तेदार क्या सोचेंगे… बढिया है सोचता रह…
संदीप माहेश्वरी
Quote 27 : अरे मिलेगा भाई, इतना मिलेगा जितना तुम सपने में भी नहीं सोच सकते… पहले खिलाड़ी तो बनो, अपने खेल के पक्के खिलाड़ी!
Quote 28 : अगर boring जगह पर हमको अपने मन को टिकना आ गया तो फिर interesting जगह तो बस खेल है।
Quote 29 : सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग।
Quote 30 : सीखो सबसे लेकिन फॉलो किसी को मत करो।
Quote 33 : जो कुछ भी करो एक जूनुन के साथ करो वरना मत करो।
Quote 34 :आप को पावरफुल बनना है, इसलिए नहीं कि आप किसी को दबा सकें, बल्कि इसलिए कि कोई आपको न दबा सके।
Quote 35 : जो कर्म आपको अंदर से मजबूत करता है वो अच्छा कर्म है जो आपको अंदर से कमजोर करता है वो बुरा कर्म है।
Quote 36 : जिसकी awareness जितनी ज्यादा होगी उसकी possibilities भी उतनी अधिक होंगी।
Quote 37 : अरे जो सोये हुए हो…. डरे हुए हो…. बैठे हुए हो….. उठो खड़े हो, आगे बढ़ो जो करना है करो…. कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता…. ओटो चलाना पड़े चलाओ… टैक्सी चलानी पड़े चलाओ ना…. क्या बुराई है खाली क्यों बैठना है।
Quote 38 : जब desire को choose करना ही है… तो बड़े से बड़ा choose करो ना….. बड़े से बड़ा…… दुनिया का सबसे बड़ा।
Quote 39 :Learning पे focus करो earning पे नहीं, earning हमेशा future में होती है; learning हमेशा present moment में होती है। Learning पे focus करना है earning पे नहीं।
Quote 40 : सीखते रहना है जो सीख रहा है वो जिंदा है जिसने सीखना बंद कर दिया… वो जिंदा लाश है।
Quote 41 : जब भी आप खुश होते हो समझो कब होते हो और क्यों होते हो …और जब भी आप दुखी होते हो समझो कब होते हो और क्यों होते हो..अगर हमें इतना सा समझ आ जाए तो हम उस understanding को 24 घंटे में apply कर सकते हैं….समझ आये तो सही!
Quote 42 : किसी काम से बार-बार demotivate हो रहे हो तो motivated कैसे रहोगे….तुम जितना उस काम के बारे में जानते चले जाओगे…उतना ही तुम मोटिवेट होते चले जाओगे… जितना उस काम के positive side को जानते चले जाओगे….उतना ही मोटिवेट होते चले जाओगे….
Quote 43 : Mediocrity बड़ी खतरनाक जगह है हम यहीं पर अटके रह जाते हैं…हम ऊपर वालों को देखकर जलते रहते हैं और नीचे वालों को देखकर खुश होते रहते हैं!
Quote 44 : हर करीयर में ऊपर तक जाया जा सकता है इसकी कोई लिमिट नहीं है…
Quote 45 : जैसे ही आप किसी चीज की बुराई कर रहे हो या किसी से jealousy कर रहे हो या किसी को नीचे गिरा रहे हो … अपने आप को बेटर फील करने के लिए….. तो आप और नीचे गिर जाते हो….
Quote 46 :जहाँ पर आपकी थिंकिंग जाती है जहाँ पर आपकी नज़र जाती है वैसे ही आप बनने लग जाते हो…
Quote 47 आप मेरे वर्ड्स को तो पकड़ रहे हो लेकिन मैं जिस तरफ इशारा कर रहा हूँ वो नहीं देख रहे हो….यही ट्रैप है…मतलब अगर मैं ऊँगली से चाँद दिखा रहा हूँ तो आप बस ऊँगली देखे जा रहे हो चाँद को नहीं देख रहे हो…
Quote 48 : हर सिचुएशन में अच्छाई भी है बुराई भी है…हर इंसान में अच्छाई भी है बुराई भी है….चॉइस हमारे हाथ में है कि हम क्या देखते हैं…
Quote 49 : जिस वक़्त हम उन चीजो की तरफ देखते हैं जो हमारे पास में नहीं हैं और हम चाहते हैं तो हमारी किस्मत बुरी होती है और जबी हम उन चीजों की तरफ देकते हैं जो हमारे पास है तो उस मोमेंट में हमारी क़िस्मटी अछि होती है!
मोमेंट
Quote 50 : अगर हमें अपने desires को बदलना आ जाये तो हमारी किसमत बदल जायेगी।
Quote 51 पहली बार अगर आपने लाइफ में कोई भी गलती की है तो वो गलती नहीं है…लेकिन अगर उसी को आप बार-बार कर रहे हो तो ये गलती है।
Quote 52 : गलतियाँ करो but learn from it….सही काम करो पर उसमे चिपके मत रहो…कुछ अच्छा करके अपनी ईगो को मत बढाओ…grow out of it ….क्या फरक पड़ता है…
Quote 53 :कोई भी गलती इतनी बड़ी नहीं है कि उसे माफ ना किया जा सके।
Quote 54 : जब हम किसी और को सलाह दे रहे होते हैं तो बड़ी अच्छी सलाह देते हैं लकिन जब हम खुद ही उस सिचुएशन में होते हैं तो बेवकूफों की तरह एक्ट करते हैं!
Quote 55 : न मैं हार्डवेयर हूँ न मैं सॉफ्टवेयर हूँ ….मैं इन दोनों को प्रयोग करने वाला हूँ….
Quote 56 : बस इतनी सी बात समझो….ज़िन्दगी एक खेल है…
Quote 57 : जैसे आज से दस साल पहेल ज़िन्दगी जी रहे थे वैसे ही जी रहे हैं….eat sleep repeat…eat sleep repeat…. क्या मजा है! Next level पे जाओ।
Quote 58 : एक इवेंट में फेल होने से आप लाइफ में फेल नहीं हो सकते ….एक इवेंट का एंड लाइफ का एंड नहीं है भाई….
आप चाहो भी तो भी ज़िन्दगी के खले में आउट नहीं हो सकते ….तब तक जब तक कि आप खुद मैदान को छोड़ कर भाग नहीं जाते! दुनिया की कोई ताकत आपको हरा नहीं सकती अगर आप पिच पर डंटे रहो…
Sandeep Maheshwari Quotes in Hindi / संदीप माहेश्वरी के अनमोल विचार
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